रेपो रेट कट के बाद भी बाजार क्यों टूटा? 8 दिसंबर 2025 की गिरावट के पीछे की पूरी कहानी
8 दिसंबर 2025 को RBI की रेपो रेट कटौती के बावजूद भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। FII की भारी बिकवाली, अमेरिकी फेड बैठक की अनिश्चितता, रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया, जिससे रियल्टी और PSU बैंक जैसे सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे।
भारतीय शेयर बाजार से निवेशकों को जिस राहत की उम्मीद थी, वह 8 दिसंबर 2025 को अधूरी रह गई। RBI द्वारा 25 बेसिस पॉइंट की रेपो रेट कटौती के बाद शुक्रवार को बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की, लेकिन जैसे-जैसे दिन बढ़ा, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसलते चले गए।
दिन के अंत तक सेंसेक्स 610 अंक (0.71%) और निफ्टी 226 अंक (0.86%) टूटकर बंद हुए। सवाल साफ है—जब ब्याज दरें घटीं तो बाजार नीचे क्यों गया?
गिरावट की 5 सबसे बड़ी वजहें
1. FII की भारी बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने अरबों रुपये निकाल लिए। ग्लोबल रिस्क बढ़ते ही विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से दूरी बनाने लगे, जिससे दबाव बढ़ा।
2. अमेरिकी फेड की डराने वाली बैठक
9-10 दिसंबर को होने वाली US Federal Reserve Meeting से पहले निवेशक सतर्क दिखे। आशंका है कि फेड ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है।
3. रुपये की कमजोरी
डॉलर के मुकाबले रुपया 90.38 के स्तर तक फिसल गया, जिससे आयात महंगा होने और महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ी।
4. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल ऊंचे स्तर पर बना रहा, जो भारत जैसी आयात आधारित अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक संकेत है।
5. RBI का ‘न्यूट्रल स्टांस’
निवेशकों को RBI से और आक्रामक रुख की उम्मीद थी। लेकिन न्यूट्रल पॉलिसी सिग्नल ने बाजार का मूड खराब कर दिया।
सबसे ज्यादा चोट किन सेक्टरों को लगी?
नीचे आज सबसे ज्यादा गिरने वाले प्रमुख सेक्टर और स्टॉक्स का सारांश दिया गया है:
आज सबसे ज्यादा गिरने वाले सेक्टर (डेटा स्नैपशॉट)
| सेक्टर | गिरावट (%) | वजह |
| रियल एस्टेट | -3.50% | मुनाफावसूली, ब्याज दर अनिश्चितता |
| PSU बैंक | -2.10% | FII बिकवाली, रुपये की कमजोरी |
| मीडिया | -2.00% | रिस्क-ऑफ सेंटिमेंट |
| मिडकैप | -1.83% | हाई वैल्यूएशन |
| स्मॉलकैप | -2.60% | तेज मुनाफावसूली |